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सत्य ईश्वर का सबसे निकट मार्ग : सन्दीप दुबे

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  सत्य का मार्ग — अमरत्व का द्वार** लेखक: सन्दीप दुबे भूमिका : सत्य की पहली पुकार मनुष्य का जीवन बाहर से जितना बड़ा दिखता है, अंदर से उतना ही छोटा, नाजुक और प्रश्नों से भरा होता है। हर व्यक्ति, चाहे वह राजपथ पर बैठा शासक हो या रोज़ी-रोटी कमाने वाला साधारण व्यक्ति, कभी न कभी रुककर स्वयं से पूछता है— “मैं सही क्या कर रहा हूँ?” “मेरा मार्ग क्या है?” “जीवन का सत्य क्या है?” यह प्रश्न जब उठता है, तो समझिए कि यह साधारण प्रश्न नहीं— यह आत्मा की जागृति है। यह सत्य की पहली पुकार है। जीवन में सत्य खोजने की इच्छा का जन्म ही इस बात का संकेत है कि मनुष्य अब बाहरी चमकदमक से आगे बढ़कर अंतर की रोशनी को खोजने के लिए तैयार है। सत्य क्यों इतना आवश्यक है? सत्य मानव जीवन की साँस है। सत्य वह है जो मनुष्य को भीतर से सुरक्षित महसूस कराता है। क्योंकि— सत्य में दंभ नहीं सत्य में भय नहीं सत्य में छुपाव नहीं सत्य में बोझ नहीं और सबसे बड़ा—सत्य में कपट नहीं झूठ पर खड़ा जीवन उस दीवार की तरह है जिसमें हल्की-सी आँधी उसे गिरा देती है। सत्य पर खड़ा जीवन उस पर्वत की तरह है जिसे हज...

बिहार में NDA की जीत : नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के विकास मॉडल की ऐतिहासिक विजय

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बिहार में NDA की जीत : नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के विकास मॉडल की ऐतिहासिक विजय — लेखक : संदीप दुबे, चेयरमैन – छठी मईया फ़ाउंडेशन बिहार ने एक बार फिर दिखा दिया कि जनता विकास के साथ खड़ी है। इस बार का जनादेश स्पष्ट और जोरदार है—यह NDA, नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के विकास मॉडल की शानदार जीत है। यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की विकास यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है। नरेंद्र मोदी का विकसित भारत – विकसित बिहार विज़न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्षों में बिहार को गति देने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए— हाईवे और एक्सप्रेसवे का तेजी से विस्तार रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास लाखों गरीब परिवारों को घर, बिजली, पानी, गैस सीमांचल, मगध और मिथिला जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान मोदी जी के नेतृत्व पर बिहार की जनता ने फिर भरोसा जताया। जनादेश का संदेश साफ़ है— “विकास चाहिए… मोदी चाहिए।” नीतीश कुमार का सुशासन और स्थिरता का भरोसा बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का अनुभव, शांत नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता की अलग पहचान है। सड़क, शिक्षा और कानून-व्यवस्था में बड़ा स...

छठी मइया महापुराण

छठी मइया महापुराण लेखक: भक्त संदीप कुमार दुबे  “प्रकाश, सत्य और मातृत्व का सनातन ग्रंथ”  प्रथम खंड: मंगलारम्भ और सृष्टि का आविर्भाव मङ्गलाचरण संस्कृत: वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ हिन्दी अर्थ: हे गणेश! जो सूर्य के समान तेजस्वी हैं, मेरे इस दिव्य कार्य को निष्कंटक बनाइए। भावार्थ: जब कोई ग्रंथ सत्य के लिए लिखा जाता है, तो गणेश उसका आरंभ होते हैं, और सूर्य उसका साक्षी। सरस्वती वंदना संस्कृत: या कुन्देन्दुतुषारहारधवला, या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा, या श्वेतपद्मासना॥ नमामि त्वां भगवती ब्रह्मकामधुगे शुभे॥ हिन्दी अर्थ: हे माँ सरस्वती, जो ज्ञान, वाणी और प्रकाश की अधिष्ठात्री हैं — मेरे शब्दों में सत्य और सौंदर्य भर दीजिए। भोजपुरी भाव: माँ वीणा वाली, बानी के जोति दे, शब्दन में मइया तोहर सनेह भर दे। कुल आह्वान एवं पूर्वज वंदना हिन्दी: आज यह ग्रंथ आरंभ करते हुए मैं अपने कुलदेवता, इष्टदेव, वरम बाबा, वृत्तिया बाबा, कश्यप गोत्र के समस्त पितरों, मातृपक्ष, ग्रामदेवता, और धरती माता का स्मरण करता हूँ। हे जल, हे वायु, हे सूर्य — तुम...