नई आध्यात्मिक चेतना है छठ” — संदीप दुबे
“नई आध्यात्मिक चेतना है छठ” — संदीप दुबे “नई आध्यात्मिक चेतना है छठ” — यह विचार प्रख्यात अधिवक्ता संदीप कुमार दुबे द्वारा व्यक्त किया गया, जो छठ महापर्व के गहन आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व को दर्शाता है। संदीप दुबे के अनुसार— छठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जागरण है, जो व्यक्ति को सत्य के मार्ग पर चलने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होने, और अनुशासन व तप के माध्यम से आत्मशुद्धि की प्रेरणा देता है। छठ: चेतना का उत्सव उनका मानना है कि— छठ में डूबते और उगते सूर्य दोनों को अर्घ्य देकर जीवन के हर पक्ष को स्वीकार करना सिखाया जाता है। यह पर्व समानता, संयम और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। एक नई दिशा यह संदेश आज के समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें बताता है कि— वास्तविक आध्यात्मिकता बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि आंतरिक शुद्धता और प्रकृति के साथ सामंजस्य में निहित है। “छठ एक पर्व नहीं, बल्कि एक नई आध्यात्मिक चेतना है” — यह विचार समाज को जोड़ने, जागरूक करने और आत्मिक उन्नति की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है।