संदीप दुबे के विचार
“जैसे दही को मथकर घी निकाला जाता है, वैसे ही इस संसार में परिस्थितियों की मथनी चल रही है। समय और संघर्ष इंसान को परख रहे हैं— और जो सच्चे, धैर्यवान और धर्म पर अडिग हैं, उन्हें भगवान स्वयं अपने लिए तैयार कर रहे हैं। इसलिए परेशान मत हो… आप ही ‘सत्य की स्थापना’ का माध्यम बनेंगे।” संदीप कुमार दुबे अध्यक्ष, छठी मैया फाउंडेशन. संदीप दुबे के 100 विचार 🔹 सत्य और छठ का संबंध छठ सत्य का प्रत्यक्ष स्वरूप है। छठ हमें सिखाता है—सत्य ही जीवन का आधार है। छठ के माध्यम से सत्य का अनुभव होता है। छठ बताता है—जहाँ सत्य है, वहीं धर्म है। छठ का हर नियम सत्य की ओर ले जाता है। छठ हमें सिखाता है कि सत्य कभी बदलता नहीं। छठ आत्मा के सत्य को जागृत करता है। छठ सादगी के माध्यम से सत्य को प्रकट करता है। छठ दिखाता है—सत्य ही सनातन है। छठ हमें सत्य के साथ जीना सिखाता है। 🔹 मंथन और संघर्ष (छठ के संदर्भ में) छठ सिखाता है—जीवन एक मंथन है। छठ में कठिनाई आत्मा को शुद्ध करती है। छठ बताता है—संघर्ष ही सत्य तक पहुँचने का मार्ग है। छठ हमें सिखाता है—मंथन के बिना अमृत नहीं मिलता। छठ का व्रत बताता है—कठि...