Posts

CHHATHI MAIYA — A MESSAGE TO THE WORLD [Ancient Wisdom for a Modern World]

Image
CHHATHI MAIYA — A MESSAGE TO THE WORLD   Ancient Wisdom for a Modern World  My dear brothers and sisters across the world, Today, I wish to share with you a simple message from an ancient Indian tradition called Chhath. Chhath is not merely a festival. It is a conversation between Humanity, Nature, the Sun and the Divine. For thousands of years, people have stood in rivers and sacred waters, offering gratitude to the setting Sun and the rising Sun. And behind this beautiful tradition lies a message that the modern world urgently needs: We are not separate from Nature. We are a part of Nature. The Sun gives us light and energy. Water gives us life. The Earth gives us food. The air gives us every breath. Nature gives without asking who we are, where we come from, or what faith we follow. The same Sun shines upon the rich and the poor. The same water sustains every community. The same Earth is home to us all. And Chhath teaches us to simply say: Thank you....

प्रिय अंजुला,जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और ढेर सारा आशीर्वाद।

Image
  प्रिय अंजुला, जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और ढेर सारा आशीर्वाद।  आज तुम्हारे जन्मदिन पर मन में बचपन की बहुत-सी यादें एक साथ लौट रही हैं। भाई-बहन का रिश्ता शायद दुनिया के उन रिश्तों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं होता। इसमें बचपन की नोकझोंक भी होती है, अपनापन भी, शिकायतें भी और एक-दूसरे के लिए मन में छिपी हुई वह चिंता भी, जो कभी कम नहीं होती। तुम मेरे लिए केवल मेरी बहन नहीं हो, बल्कि हमारे परिवार की उन खूबसूरत यादों का हिस्सा हो जिन्हें समय कभी पुराना नहीं कर सकता। एक बड़े भाई के रूप में मेरी हमेशा यही कामना रही है कि तुम्हारे जीवन में खुशियाँ बनी रहें। तुम्हें जीवन में वह सब मिले जिसकी तुमने इच्छा की है, लेकिन उससे भी अधिक तुम्हें मन की शांति, परिवार का प्रेम, सम्मान और संतोष मिले। समय के साथ जीवन बदलता है, जिम्मेदारियाँ बढ़ती हैं और हम सभी अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त हो जाते हैं। लेकिन कुछ रिश्ते दूरी और समय से नहीं बदलते। भाई के लिए उसकी बहन हमेशा वही रहती है, जिसके चेहरे की मुस्कान देखकर उसे खुशी मिलती है और जिसकी परेशा...

नई पीढ़ी के लिए गांधी: तस्वीर से आगे, विचारों तक

Image
नई पीढ़ी के लिए गांधी: तस्वीर से आगे, विचारों तक — संदीप कुमार दुबे आज की नई पीढ़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया, डिजिटल अर्थव्यवस्था और तीव्र प्रतिस्पर्धा के दौर में जी रही है। दुनिया बदल गई है, संवाद के माध्यम बदल गए हैं और सफलता की परिभाषाएँ भी बदल रही हैं। ऐसे समय में एक स्वाभाविक प्रश्न उठता है—क्या महात्मा गांधी आज की नई पीढ़ी के लिए भी प्रासंगिक हैं? मेरी दृष्टि में इस प्रश्न का उत्तर गांधी जी की तस्वीर में नहीं, बल्कि उनके विचारों को आज के संदर्भ में समझने में है। गांधी जी को नई पीढ़ी के सामने केवल इतिहास के एक अध्याय के रूप में प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं होगा। उनके विचारों से संवाद होना चाहिए। युवा उनसे सहमत हों या असहमत, लेकिन उन्हें पढ़ें, प्रश्न करें और यह समझने का प्रयास करें कि सत्य, अहिंसा, आत्मानुशासन, स्वावलंबन और मानवीय गरिमा जैसे विचार आज के जीवन में क्या अर्थ रखते हैं। नई पीढ़ी का सबसे बड़ा संघर्ष—सत्य की पहचान आज सूचना की कोई कमी नहीं है। एक मोबाइल फोन पर कुछ ही क्षणों में हजारों सूचनाएँ हमारे सामने आ जाती हैं। लेकिन सूचना की अधिकता ने एक नई चुनौ...

आज का भगत सिंह हथियार में नहीं, चरित्र में खोजा जाना चाहिए

Image
आज का भगत सिंह हथियार में नहीं, चरित्र में खोजा जाना चाहिए — संदीप कुमार दुबे जब भी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की बात होती है, शहीद-ए-आज़म भगत सिंह का नाम आते ही मन में एक ऐसे युवा की छवि उभरती है जिसने बहुत छोटी आयु में अपने जीवन को राष्ट्र के एक बड़े उद्देश्य से जोड़ दिया। उनका जीवन छोटा था, लेकिन उनके विचारों की यात्रा लंबी हुई। पीढ़ियाँ बदल गईं, परिस्थितियाँ बदल गईं, भारत स्वतंत्र राष्ट्र बन गया, लेकिन भगत सिंह आज भी युवाओं के मन में साहस और त्याग के प्रतीक के रूप में जीवित हैं। आज प्रश्न यह नहीं है कि दूसरा भगत सिंह कहाँ से आएगा। प्रश्न यह है कि क्या हम अपने समाज और अपने बच्चों के चरित्र में भगत सिंह के गुण पैदा कर पा रहे हैं? मेरे विचार से आज भारत को भगत सिंह की आवश्यकता अवश्य है, लेकिन उनकी तलाश हथियार में नहीं की जानी चाहिए। आज का भगत सिंह हथियार में नहीं, चरित्र में खोजा जाना चाहिए। भगत सिंह जिस दौर में पैदा हुए, वह गुलामी का दौर था। आज हम एक स्वतंत्र, संवैधानिक और लोकतांत्रिक गणराज्य में रहते हैं। समय बदल चुका है और इसलिए राष्ट्रसेवा के साधन भी बदल चुके हैं। आज दे...

श्री छठ महापुराणसंस्कृत श्लोक एवं हिन्दी व्याख्या Final

Image
श्री छठ महापुराण संस्कृत श्लोक एवं हिन्दी व्याख्या संग्राहक एवं प्रस्तुतकर्ता संदीप कुमार दुबे अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, भारत अध्यक्ष — छठी मैया फाउंडेशन मंगलाचरण ॐ श्रीगणेशाय नमः। ॐ सूर्याय नमः। ॐ षष्ठ्यै देव्यै नमः। वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ अध्याय प्रथम छठी मैया की प्रारंभिक स्तुति संस्कृत ॐ षष्ठ्यै नमः। या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ सूर्यतेजःसमायुक्तां प्रकृतेः परमां कलाम्। षष्ठीं देवीं नमस्यामि लोकमङ्गलकारिणीम्॥ पुत्रसौख्यप्रदां देवीं परिवारहितैषिणीम्। नदीतीरनिवासिन्यां श्रद्धाभक्त्या नमाम्यहम्॥ अस्ताचलगते सूर्ये यां स्मरन्ति व्रतस्थिताः। उदिते भास्करे चैव तां षष्ठीं प्रणमाम्यहम्॥ हिन्दी व्याख्या “ॐ षष्ठ्यै नमः”—अर्थात् षष्ठी स्वरूपा छठी मैया को प्रणाम। जो देवी समस्त जीव-जगत में मातृशक्ति, सृजन, संरक्षण, करुणा और जीवन की निरंतरता के रूप में प्रतिष्ठित हैं, उन भगवती को बार-बार प्रणाम है। छठ की उपासना मनुष्य को केवल देवता के सम्मुख नहीं ले जाती, बल्कि उसे सूर्य, जल और ...