99 छठ हमें इंसानियत सिखाता है

छठ हमें इंसानियत सिखाता है

— Sandeep Dubey

छठ केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मानवता, अनुशासन, सेवा और आत्मशुद्धि का महान संदेश है।
यह वह संस्कृति है जो हमें सिखाती है कि सच्चा धर्म केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि इंसानियत में बसता है।

जब छठ व्रती जल में खड़े होकर सूर्य देव और छठी मैया को अर्घ्य देते हैं, तब वे केवल अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना नहीं करते, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का भाव रखते हैं। यही भावना छठ को दुनिया के सबसे पवित्र और मानवीय पर्वों में शामिल करती है।

छठ हमें सिखाता है कि जीवन में नियम और संयम कितना आवश्यक है।
व्रती कई दिनों तक कठिन तपस्या करते हैं, शुद्धता का पालन करते हैं, और अपने मन, वचन एवं कर्म को पवित्र बनाने का प्रयास करते हैं। यह संदेश देता है कि यदि मनुष्य अपने जीवन में अनुशासन अपना ले, तो उसका जीवन भी प्रकाशमय हो सकता है।

छठ का सबसे बड़ा संदेश है —
“सबका सम्मान करो, सबका भला सोचो, और हर प्राणी में ईश्वर को देखो।”

इस पर्व में अमीर-गरीब, ऊँच-नीच, जाति-पंथ का कोई भेद नहीं रहता। घाट पर सभी एक साथ खड़े होकर पूजा करते हैं। यही सामाजिक समानता और भाईचारे की असली पहचान है। छठ हमें बताता है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं।

छठ प्रकृति से प्रेम करना भी सिखाता है।
सूर्य, जल, वायु और धरती की पूजा करके यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। आज जब दुनिया प्रदूषण और स्वार्थ की आग में जल रही है, तब छठ हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और संतुलन का मार्ग दिखाता है।

यह पर्व सेवा और त्याग की भी प्रेरणा देता है।
लोग एक-दूसरे की सहायता करते हैं, घाट साफ करते हैं, प्रसाद बाँटते हैं और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। यही इंसानियत की सच्ची पहचान है।

आज दुनिया को सबसे अधिक आवश्यकता इंसानियत, प्रेम और करुणा की है।
यदि हम छठ के संदेश को अपने जीवन में उतार लें, तो समाज में नफरत की जगह प्रेम, हिंसा की जगह शांति और स्वार्थ की जगह सेवा का भाव विकसित होगा।

छठ हमें यह सिखाता है कि —
नियम से शक्ति मिलती है,
संयम से भक्ति मिलती है,
और इंसानियत से जीवन की सच्ची मुक्ति मिलती है।

इसीलिए छठ केवल पूजा नहीं, बल्कि मानवता की पाठशाला है।
छठ का असली सार यही है कि इंसान पहले अच्छा इंसान बने, क्योंकि जहाँ इंसानियत होती है, वहीं ईश्वर का वास होता है।

— Sandeep Dubey
Chairman, Chhathi Maiya Foundation

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