युवाओं को छठी मैया का व्रत सिखाएँगे, ताकि वे टूटते परिवारों को जोड़ सकें

युवाओं को छठी मैया का व्रत करना सिखाएँगे, ताकि वे टूटते परिवारों को जोड़ सकें
— संदीप कुमार दुबे
Chairman, छठी मैया फाउंडेशन
छठ केवल सूर्योपासना का पर्व नहीं है, यह रिश्तों को बचाने की एक महान साधना है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में संतुलन, संयम, धैर्य और समर्पण कितना आवश्यक है। जिस प्रकार हम छठ में शुद्ध मन, व्रत, त्याग और कृतज्ञता के साथ छठी मैया और प्रकृति को नमन करते हैं, उसी प्रकार हमें अपने रिश्तों के लिए भी तप, धैर्य और समर्पण का भाव अपनाना चाहिए।
आज समाज की सबसे बड़ी चिंता टूटते हुए परिवार हैं। रिश्ते आसानी से बनते हैं, पर उतनी ही आसानी से टूट भी जाते हैं। अहंकार, क्रोध, अविश्वास और संवाद की कमी विवाह और परिवार की नींव को कमजोर कर रही है। इसका सबसे गहरा प्रभाव बच्चों और युवाओं पर पड़ता है। जब युवा अपने आसपास टूटते परिवारों को देखता है, तो उसका विश्वास रिश्तों से उठने लगता है और वह विवाह जैसी पवित्र संस्था से डरने लगता है।
इसीलिए हमारा संकल्प है –
“हम युवाओं को छठी मैया का व्रत करना सिखाएँगे, ताकि वे टूटते परिवारों को जोड़ सकें।”
छठ युवाओं को केवल पूजा-पाठ नहीं सिखाता, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाता है। यह उन्हें अनुशासन, त्याग, सहनशीलता, सेवा और कृतज्ञता का पाठ पढ़ाता है। जब युवा इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारता है, तो वह रिश्तों को बोझ नहीं, जिम्मेदारी और सौभाग्य समझता है। वह यह जानता है कि मतभेद स्वाभाविक हैं, पर अलगाव अंतिम समाधान नहीं है। समाधान संवाद, धैर्य और प्रेम से निकलता है।
छठ का संदेश है –
जैसे सूर्य प्रतिदिन अस्त होता है और फिर उदय होता है,
वैसे ही रिश्तों में चाहे कितना भी अंधकार क्यों न आए,
प्रेम, विश्वास और संवाद से फिर उजाला लाया जा सकता है।
युवाओं को छठ की यह भावना समझानी होगी कि
रिश्तों को बचाना कोई मजबूरी नहीं,
यह एक पवित्र तपस्या है।
यह परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए किया गया यज्ञ है।
जब युवा छठ के संस्कार को अपनाएगा,
तो वह अपने भीतर के अहंकार का विसर्जन करेगा,
और उसके जीवन में प्रेम, संवाद व समझदारी का उदय होगा।
तभी वह सच्चे अर्थों में
टूटते घरों को बचाने वाला बनेगा,
बिखरते परिवारों को जोड़ने वाला बनेगा,
और विवाह की मर्यादा का सच्चा रक्षक बनेगा।
छठ – रिश्तों को बचाने की साधना है।
और युवा – इस साधना के सबसे बड़े साधक हैं।

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