छठ व्रती : तप, त्याग और आस्था का अद्भुत प्रतीक


🌞 छठ व्रती : तप, त्याग और आस्था का अद्भुत प्रतीक
छठ महापर्व भारतीय संस्कृति का वह पर्व है, जिसमें प्रकृति, पर्यावरण, सूर्य और छठी मैया की उपासना के साथ-साथ आत्मसंयम, पवित्रता और तपस्या का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस पर्व का मूल आधार हैं — छठ व्रती, जो अपनी तपस्या और आस्था से इस अनुष्ठान को जीवंत बनाते हैं।
✨ छठ व्रती का स्वरूप
छठ व्रती सामान्य भक्त नहीं होते, बल्कि वे तपस्वी और साधक होते हैं। उनका जीवन इस पर्व के दिनों में त्याग, संयम और शुद्धि का आदर्श प्रस्तुत करता है। छठ व्रती का स्वरूप तीन मुख्य विशेषताओं में प्रकट होता है —
ना मान (अहंकार से रहित) –
छठ व्रती व्रत के दौरान किसी भी प्रकार का अभिमान नहीं रखते। वे अपने को ईश्वर की शरणागत मानते हैं और पूरी विनम्रता से पूजा करते हैं।
ना मोह (मोह-माया से मुक्त) –
व्रती मोह-माया और सांसारिक आकर्षण से स्वयं को अलग करके केवल भक्ति और तपस्या में लीन हो जाते हैं।
ना मनमथ (वासना से रहित) –
छठ व्रत में व्रती इन्द्रियों पर नियंत्रण रखते हैं और पूर्ण शुद्धता का पालन करते हैं। इस पर्व के दौरान कामना, वासना या भोग की कोई जगह नहीं होती।
🌿 छठ व्रती का तप और आस्था
छठ व्रती उपवास रखते हैं, शुद्धता का पालन करते हैं और कई दिन तक जल, फल और प्रसाद पर ही रहते हैं।
वे नदी या तालाब के किनारे स्नान करके शुद्धता का संकल्प लेते हैं।
संध्या और प्रातःकाल सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
पूरी रात जागरण और भक्ति-गीतों में लीन रहते हैं।
उनकी यह साधना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आत्मसंयम और तपस्या की चरम सीमा भी है।
🌸
छठ व्रती केवल अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत नहीं करते, बल्कि संपूर्ण समाज और प्रकृति के कल्याण की भावना से जुड़ते हैं।
वे बिना किसी भेदभाव के समाज को एकता के सूत्र में पिरोते हैं।
पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संदेश देते हैं, क्योंकि छठ का प्रत्येक अनुष्ठान प्रकृति से सीधा जुड़ा है।
🌞 
छठ व्रती मानवता, संयम और आस्था के जीवंत प्रतीक हैं। उनका जीवन बताता है कि सच्ची पूजा वही है जिसमें अहंकार, मोह और वासना का त्याग हो। छठ पर्व के माध्यम से वे हमें यह सीख देते हैं कि जीवन का असली सुख तप, त्याग और ईश्वर की भक्ति में निहित है।
✍️ लेखक : संदीप कुमार दुबे
एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया एवं चेयरमैन – छठी मैया फाउंडेशन

Comments

Popular posts from this blog

भारत की न्यायपालिका में `Robo Judge`

रेखा गुप्ता : परिवार की तरह दिल्ली को सँवारती मुखिया 🌸

भगवान श्रीराम एवं माता सीता द्वारा छठ