मोदी के सतीश : बच्चों की मुस्कान के साथ जन्मदिन का उत्सव


मोदी के सतीश : बच्चों की मुस्कान के साथ जन्मदिन का उत्सव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर जब झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले कुछ गरीब बच्चों ने मालवीय नगर के विधायक श्री सतीश उपाध्याय जी से कहा – “हम भी पिज़्ज़ा खाना चाहते हैं”, तो सतीश जी ने बच्चों की मासूम ज़िद को तुरंत स्वीकार कर लिया।
वे न केवल बच्चों को अपने साथ पिज़्ज़ा खिलाने ले गए बल्कि उनके चेहरे की मुस्कान देखकर स्वयं भी भावुक हो उठे। यह दृश्य बताता है कि राजनीति केवल भाषणों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज की सबसे छोटी उम्मीदों को पूरा करने में उसका असली अर्थ छिपा है।
सतीश उपाध्याय जी का यह मानवीय व्यवहार साफ करता है कि वे सचमुच “मोदी के सतीश” हैं—जिनके लिए सेवा ही राजनीति का सबसे बड़ा उद्देश्य है। जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी जी गरीब और वंचित वर्ग की खुशियों को अपना संकल्प मानते हैं, उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए सतीश जी ने बच्चों की छोटी-सी खुशी को अपने जीवन का बड़ा उत्सव बना दिया।
बच्चों के साथ यह सादा किन्तु सच्चा उत्सव बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी जी का जन्मदिन सिर्फ औपचारिकताओं का दिन नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और संवेदना का संदेश देने का अवसर है।✍️ लेखक : संदीप कुमार दुबे
एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया
चेयरमैन – छठी मइया फ़ाउंडेशन
www.chhathimaiya.com 

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