Chhath वैश्विक एवं पर्यावरणीय संदेश
🌍 वैश्विक एवं पर्यावरणीय संदेश (Detailed)
संस्कृत
सूर्योपासना धर्मः, केवलं पूजा नास्ति।
एषः महान् उत्सवः अस्य धरण्याः जलवायु-संतुलनस्य,
नदी-सरसोः संरक्षणस्य,
वन-प्रकृत्याः पालनस्य च साक्षात्कारः अस्ति।
अत्र मनुष्यः केवलं भक्तः न,
अपि तु भूमेः रक्षकः,
प्रकृतेः सेवकः च भवति।
सर्वे मिलित्वा यदि सूर्योपासना करिष्यामः,
तर्हि पृथिवी शीतला, जलशुद्धिः,
वायुः निर्मलः, जीवनं सुखमयम् भविष्यति।
हिन्दी
सूर्य उपासना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है।
यह धरती की जलवायु संतुलन,
नदियों और जलाशयों का संरक्षण,
वनस्पति और प्रकृति की रक्षा का एक दिव्य अभियान है।
जब हम सूर्य को अर्घ्य देते हैं,
तो केवल सूर्य देवता की स्तुति नहीं करते,
बल्कि जल, वायु और पृथ्वी की शुद्धि का संकल्प भी लेते हैं।
यदि संपूर्ण मानवता छठ पर्व का यह संदेश अपनाए,
तो विश्व से प्रदूषण घटेगा,
प्रकृति फिर से मुस्कुराएगी
और मानव जीवन सुख, शांति और स्वास्थ्य से भर जाएगा।
English
Sun worship is not merely a ritual;
it is a profound commitment to climate balance,
to the protection of rivers and water bodies,
and to the preservation of forests and nature.
When we offer Arghya to the Sun,
we are not only bowing in devotion,
but also pledging to purify water, air, and earth.
If humanity embraces this spirit of Chhath,
pollution will decrease,
nature will bloom again,
and human life will be filled with health, peace, and harmony.
भोजपुरी
सूरज के पूजा खाली धरम ना ह,
ई धरती के जलवायु संतुलन खातिर,
नदी-तालाब आ प्रकृति के बचावे खातिर,
वन-बनवा आ परवेसन के रक्षा खातिर एगो महा पर्व ह।
जे घरी हमनी सूरज देव के अर्घ दिही,
त ऊ घरी खाली सूरज के नमन ना करेल जाला,
बलुक जल, हवा आ धरती के शुद्ध रखे के वचनो दिहल जाला।
अगर दुनियाँ ई छठ पर्व के संदेश मान ली,
त प्रदूषण घट जाई,
धरती हरियर-भहरियर हो जाई,
आ आदमी के जीवन सुख-शांति आ निरोगी भइल जाई।
🌸 समापन मंत्र (Detailed)
संस्कृत
छठी मातः प्रसन्ना भव।
त्वमेव जगतः जीवनशक्ति:।
त्वमेव सुख-समृद्धेः प्रदात्री।
सर्वजनहिताय, सर्वलोककल्याणाय,
त्वदीया कृपा भवतु।
संसारे रोग-दुःख-दारिद्र्य-नाशाय,
शान्ति-मैत्री-प्रेम-वर्धनाय च॥
हिन्दी
हे छठी माता, आप प्रसन्न हों।
आप ही समस्त जगत की जीवनशक्ति हैं।
आप ही सुख, शांति और समृद्धि की दात्री हैं।
हम सबके कल्याण के लिए,
दुनिया भर के लोगों के उत्थान के लिए,
आपकी कृपा बनी रहे।
आपकी आशीष से रोग, दुःख और दरिद्रता मिटे,
और शांति, प्रेम और भाईचारा बढ़े।
English
O Chhathi Maiya, be pleased.
You are the life-force of the universe,
the giver of peace, happiness, and prosperity.
For the welfare of all,
for the upliftment of every soul,
may your blessings always remain.
Through your grace,
may diseases, sorrows, and poverty vanish,
and may peace, love, and harmony flourish.
भोजपुरी
हे छठी मइया, खुश रहिहीं।
रउआई ह जग के जीवनशक्ति ह,
सुख-समृद्धि आ शांति के दात्री ह।
रउआ सभे के भला करीं,
सभे पर कृपा करीं,
सभे लोगन के जीवन मंगलमय करीं।
रउआ कृपा से रोग-दुख दूर होखे,
दरिद्रता मिट जाव,
शांति, प्रेम आ भाईचारा बढ़े।
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