छठी मइया पर भरोसा
भारतीय संस्कृति में आस्था और विश्वास ही जीवन की सबसे बड़ी पूँजी माने जाते हैं। जब मनुष्य कठिनाइयों, दुःखों और संघर्षों से जूझता है, तब उसे एक ही सहारा मिलता है – ईश्वर और मातृ शक्ति पर विश्वास। इन्हीं में से एक अद्वितीय आस्था का प्रतीक हैं छठी मइया, जिन्हें संतान, स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि की दात्री माना गया है।
छठ पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह उस अटूट भरोसे की गवाही है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों के हृदय में बसी है। जब व्रती महिला अथवा पुरुष चार दिनों तक कठोर नियमों का पालन करते हैं, भूखे-प्यासे रहकर भी सूरजदेव और छठी मइया को अर्घ्य अर्पित करते हैं, तो यह केवल अनुष्ठान नहीं बल्कि विश्वास का जीवंत रूप होता है।
छठी मइया पर भरोसा करना, जीवन के हर संकट को धैर्य और संयम से स्वीकार करना है। यह भरोसा सिखाता है कि यदि हमारी नीयत शुद्ध है और मन में भक्ति की सच्ची भावना है, तो मइया हर संकट में सहारा बनकर खड़ी होती हैं।
कहा जाता है कि छठी मइया की कृपा से संतानहीन को संतान मिलती है, रोगी को स्वास्थ्य और निराश को नई आशा। यही कारण है कि लोकगीतों में भी गूंजता है –
“छठी मइया से नेह लागल, त सगरी दुःख टळ जाई।”
भरोसा वह शक्ति है जो कठिन तपस्या को आसान बना देती है। यही भरोसा है कि लाख कठिनाइयों के बावजूद व्रती कमज़ोर नहीं पड़ते। यही भरोसा है कि सूर्य की लालिमा में उन्हें मइया का आशीर्वाद दिखता है। यही भरोसा है कि छठ घाट पर उमड़ती भीड़ में सबकी आँखें भक्ति से नम होती हैं।
आज के बदलते युग में जब लोग भौतिक सुख-सुविधाओं में उलझते जा रहे हैं, तब भी छठ पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन का असली आधार भरोसा और भक्ति है। छठी मइया पर भरोसा केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की वह कला है, जिसमें धैर्य, संयम और समर्पण का संगम है।
निष्कर्ष
छठी मइया पर भरोसा करना, जीवन को प्रकाश, शांति और शक्ति से भर देना है। यह भरोसा हर दिल को यह संदेश देता है कि अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, मइया की कृपा से सूर्योदय अवश्य होगा और जीवन में नई किरणें प्रस्फुटित होंगी।
🎶 छठी मइया पर भरोसा (भोजपुरी छठ गीत)
(धीरे-धीरे आलाप में)
छठी मइया के भरोसा, मनवा में बसल बा,
सूरज संग अरघ पवई, किरपा तोहरा से मिलल बा।
🌸 पहला अंतरा
घरे-घरे गूंजे अरजिया, घाट सजल सुहानी,
फूल, फलवा अउर ठेकुआ, चढ़ल तोहरे दुवारी।
भरोसा तहर अँचरा पर, मइया जननी सुनऽ,
सगरी दुःख दरिद्र टल जाला, तोहर नेह गुनऽ।
(सहगान)
🎶 छठी मइया पर भरोसा, सुख-समृद्धि देला,
भक्ति-भाव से जे पुकारे, सपना पूरा करेला।
🌸 दूसरा अंतरा
नदी किनारे गूंजे भजनवा, ढोल मंजीरा बाजे,
व्रती जन नीर जल खड़लें, जोति नया सिरजले।
सूरज के अरघ चढ़ावेली, तोहर नाम पुकार,
मइया बिना नाहीं टिके, जगत के संसार।
(सहगान)
🎶 छठी मइया पर भरोसा, असीस तोहार,
संतान-धन-आरोग्य दीहऽ, राखऽ लाज हमार।
🌸 तीसरा अंतरा
कठिन व्रतवा मइया राखेली, विश्वास तहर,
सुख-दुख में तू हमेशा, रहऽलू साथे हर पल।
अँधियारा सब मेटि के, उजियारा तू लियावऽ,
भरोसा तहर छाया में, जगवा नव जियावऽ।
(सहगान)
🎶 छठी मइया पर भरोसा, आसरा तहार,
भोरवा में किरिन उगेला, मिलेला उपहार।
🌸 समापन
छठी मइया हमार अर्जी, सुनऽ जननी दुलार,
भरोसा तहरे पर टिकल बा, तोहरे पर संसार।
सूरज देव संग तोहरा, पूजा करे जिए,
भक्ति-भाव से तोहरे चरण, माथा नित धरे।
(अंतिम सहगान)
🎶 छठी मइया पर भरोसा, जीवन के आधार,
तोहरे बिना ना हो सकीला, सगरी संसार।
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