छठ पूजा 🌞 सूर्य अर्घ्य एवं छठी मइया की आराधना 🌸
📖 छठ पूजा महाग्रंथ
🌞 सूर्य अर्घ्य एवं छठी मइया की आराधना 🌸
अध्याय १ : छठी मइया का स्वरूप
संस्कृत
षष्ठीदेवी जगन्माता, अदितेः स्वरूपिणी।
बालरक्षा–करिणी च, संतानप्रदायिनी॥
हिन्दी
छठी मइया षष्ठी देवी का लोक रूप हैं। वे अदिति स्वरूपा माता हैं, जो संतान की रक्षा करती हैं और मातृत्व का आशीर्वाद देती हैं।
English
Chhathi Maiya is the folk form of Goddess Shashthi, a manifestation of Aditi, the cosmic mother. She is the guardian of children and the bestower of progeny.
भोजपुरी
छठी मइया अदिती माई के लोक रूप हईं। ऊ बाल-बच्चा के रखवाली करेली आ माईपना के आशीर्वाद दिहेली।
अध्याय २ : छठी मइया की उत्पत्ति
संस्कृत
ब्रह्मणो मानसपुत्री, कार्तिकेयपालिका।
षष्ठीदेवी प्रसन्ना स्यात्, पुत्ररक्षा–करप्रदा॥
हिन्दी
पुराणों के अनुसार छठी मइया ब्रह्मा की मानस पुत्री हैं। वे कार्तिकेय की पालनहार और बालकों की रक्षिका हैं।
English
According to the Puranas, Chhathi Maiya is the mind-born daughter of Brahma. She is also revered as the foster mother of Kartikeya and the protector of infants.
भोजपुरी
छठी मइया ब्रह्मा जी के मानस बेटी बतावल जालीं। ऊ कार्तिकेय जी के पालनहार आ लइका सब के रखवाली करेली।
अध्याय ३ : छठ पूजा की शुरुआत
संस्कृत
रामेण सीतया चैव, राज्येभिषेककाले।
षष्ठी–सूर्ययोः पूजा, सम्यगष्टम्यभवत्॥
हिन्दी
रामायण के अनुसार, माता सीता ने अयोध्या लौटने के बाद राज्याभिषेक के अवसर पर सूर्य और छठी मइया की पूजा की।
English
As described in the Ramayana, after the coronation in Ayodhya, Sita worshipped Surya and Chhathi Maiya for progeny and prosperity.
भोजपुरी
रामायण में कहल गइल बा कि अयोध्या में राजतिलक के मौका पर सीता मइया छठी मइया आ सुरुज भगवान के पूजा कइलीं।
अध्याय ४ : सूर्य और छठी मइया का संबंध
संस्कृत
आदित्यः अदितेः पुत्रः, षष्ठी अदितिस्वरूपिणी।
सूर्यः पिता इवोक्तः, माता च षष्ठिदेवता॥
हिन्दी
सूर्य देव अदिति के पुत्र हैं और छठी मइया अदिति स्वरूपा माता हैं। इसलिए छठ पर्व पर सूर्य को अर्घ्य और छठी मइया की आराधना की जाती है।
English
Surya is the son of Aditi, while Chhathi Maiya is her manifestation as the Divine Mother. Thus, during Chhath, Surya is offered Arghya and Chhathi Maiya is worshipped.
भोजपुरी
सुरुज भगवान अदिती माई के बेटा हउअन। छठी मइया अदिती माई के रूप हईं। एही से छठ पर्व पर सुरुज भगवान के अर्घ्य आ छठी मइया के पूजा होला।
अध्याय ५ : छठ पूजा का रहस्य
संस्कृत
सूर्यः ददाति तेजश्च, षष्ठी ददाति संततिम्।
उभयोः पूजनं कृत्वा, जीवनं समृद्ध्यति॥
हिन्दी
सूर्य बाहरी ऊर्जा और आरोग्य देते हैं, छठी मइया आंतरिक शक्ति और संतान सुख देती हैं। दोनों की पूजा से जीवन और संतति का संपूर्ण आशीर्वाद मिलता है।
English
Surya grants energy and health, while Chhathi Maiya blesses with inner strength and progeny. Their combined worship brings holistic blessings for life and family.
भोजपुरी
सुरुज भगवान से ताकत आ सेहत मिलेला, छठी मइया से संतान सुख आ सुरक्षा। दुनु के पूजा से घर–परिवार खुशहाल हो जाला।
अध्याय ६ : छठ पूजा का उद्देश्य
संस्कृत
संतानरक्षणं पुंसां, दीर्घायुः स्वास्थ्यं तथा।
पर्यावरणरक्षणं चैव, षष्ठीपर्वे प्रार्थ्यते॥
हिन्दी
छठ पूजा का उद्देश्य है – संतान की रक्षा, दीर्घायु, आरोग्य, परिवार की समृद्धि और पर्यावरण का संतुलन।
English
The objectives of Chhath Puja are child protection, long life, good health, family prosperity, and ecological balance.
भोजपुरी
छठ पूजा के मकसद बा – लइका–बच्चा के रक्षा, लमहर उमिर, सेहत, परिवार के सुख–समृद्धि आ प्रकृति के संतुलन।
अध्याय ७ : छठ पूजा की परंपरा
संस्कृत
नहायखाय खरनं चैव, संध्यायां च अर्घ्यदानम्।
प्रातः सूर्यार्घ्यदानं च, पारणं समाप्यते॥
हिन्दी
छठ पर्व चार दिनों तक चलता है –
- नहाय–खाय (शुद्धि और सात्विक आहार)
- खरना (उपवास और चंद्रमा को प्रसाद)
- संध्या अर्घ्य (अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य)
- प्रातः अर्घ्य और पारण (उदित सूर्य को अर्घ्य और व्रत का समापन)
English
Chhath Puja lasts for four days –
- Nahay-Khay (purification)
- Kharna (fast and offering to the moon)
- Sandhya Arghya (offering to the setting sun)
- Pratah Arghya and Paran (offering to the rising sun and conclusion of the fast).
भोजपुरी
छठ चार दिन ले चलऽला –
- नहाय-खाय (नदी में स्नान आ सात्विक भोजन)
- खरना (उपवास आ चाँद के अर्घ्य)
- संध्या अर्घ्य (डूबत सुरुज के अर्घ्य)
- भोरका अर्घ्य आ पारण (उगता सुरुज के अर्घ्य आ व्रत तोड़ल)।
अध्याय ८ : अंतिम सूत्र
संस्कृत
षष्ठीदेव्याः सह सूर्यं, पूजयित्वा नरः सदा।
जीवनं संततिं चैव, लभतेऽखण्डसंपदम्॥
हिन्दी
छठ पूजा = सूर्य को अर्घ्य + छठी मइया की आराधना = जीवन और संतति का समग्र आशीर्वाद।
English
Chhath Puja = Offering Arghya to Surya + Worship of Chhathi Maiya = Complete blessings of life and progeny.
भोजपुरी
छठ पूजा = सुरुज भगवान के अर्घ्य + छठी मइया के अराधना = जिनगी आ संतान के पूरा आशीर्वाद।
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