सरस्वती पूजा – शिक्षा, संस्कार और छात्र चेतना का महापर्व
सरस्वती पूजा – शिक्षा, संस्कार और छात्र चेतना का महापर्व Sandeep Kumar Dubey Advocate, Supreme Court of India. सरस्वती पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की वह जीवंत परंपरा है जो शिक्षा, संस्कार और चरित्र निर्माण को समाज के केंद्र में स्थापित करती है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि विद्या केवल पुस्तकों का ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली शक्ति है। सरस्वती माता ज्ञान, बुद्धि, विवेक, वाणी और सृजन की देवी हैं। उनका श्वेत वस्त्र पवित्रता का, वीणा सृजनशीलता का, पुस्तक ज्ञान का और हंस विवेक का प्रतीक है। बिहार में सरस्वती पूजा को विशेष रूप से छात्रों का महापर्व माना जाता है। यहाँ यह पूजा केवल मंदिरों या विद्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि हर गली, हर मोहल्ले और हर छात्र के हृदय में बसती है। विद्यार्थी स्वयं पंडाल बनाते हैं, प्रतिमा स्थापित करते हैं, कार्यक्रम आयोजित करते हैं और पूरे समाज को एकता के सूत्र में बा...