ऐसे थे हमारे अटल बिहारी वाजपेयी जी
ऐसे थे हमारे अटल जी 101वीं जयंती पर स्मरण भारत की राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल सत्ता का संचालन नहीं करते, बल्कि राष्ट्र की आत्मा को दिशा देते हैं। Atal Bihari Vajpayee ऐसे ही युगपुरुष थे—जिन्होंने राजनीति को शालीनता, विचार को संतुलन और नेतृत्व को करुणा से जोड़ा। अटल जी के व्यक्तित्व में वह आत्मीयता थी, जिसने उन्हें हर प्रांत, हर समाज और हर वर्ग का अपना बना दिया। जनता ने उनमें केवल एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि भरोसे, संवेदना और नैतिक नेतृत्व का प्रतीक देखा। उनका जीवन इस बात का प्रमाण था कि सत्ता में रहते हुए भी विनम्रता और मानवीयता को सर्वोच्च स्थान दिया जा सकता है। अटल जी के लिए राजनीति संघर्ष का अखाड़ा नहीं, संवाद की साधना थी। उनकी वाणी में कठोरता नहीं, स्पष्टता थी; उनके विचारों में कटुता नहीं, बल्कि दृढ़ता थी। संसद में उनके शब्द लोकतांत्रिक मर्यादा के मानक बनते थे। वे असहमति को शत्रुता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की अनिवार्य शक्ति मानते थे। उनकी कविताएँ केवल साहित्य नहीं थीं—वे राष्ट्र के अंतर्मन की अभिव्यक्ति थीं। “हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ...