वसुधैव कुटुम्बकम् से विराट भारत तक – सनातन दृष्टि और मोदी नेतृत्व
वसुधैव कुटुम्बकम् से विराट भारत तक – सनातन दृष्टि और मोदी नेतृत्व लेखक : संदीप कुमार दुबे अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया चेयरमैन, छठी मैया फ़ाउंडेशन विश्व राजनीति और वैश्विक कूटनीति के बदलते परिदृश्य में भारत एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रहा है। यह उदय केवल आर्थिक या सामरिक विकास का परिणाम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सनातन दृष्टि और वर्तमान नेतृत्व के दूरदर्शी प्रयासों का संयोजन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय आत्मविश्वास और वैश्विक संदेश को एक सूत्र में पिरोया है, उसने भारत को फिर से एक सभ्यता-नेता के रूप में स्थापित किया है। G20 के माध्यम से विश्व के सामने प्रस्तुत “One Earth, One Family, One Future” केवल एक थीम नहीं, बल्कि उस भारतीय दर्शन का आधुनिक रूप है, जिसे उपनिषदों ने हजारों वर्ष पूर्व “वसुधैव कुटुम्बकम्” के नाम से विश्व को दिया था। शक्तिशाली भारत: सैन्य, विज्ञान और रणनीति में नई ऊँचाइयाँ सनातन भारत की अवधारणा में शक्ति का अर्थ आक्रमण नहीं, बल्कि सामर्थ्य, संयम और सुरक्षा है। आज का भारत इसी संतुलित शक्ति का...